Connect with us

Ayurvedic

ब्रह्म कमल का पौधा और औषधीय गुण

Published

on

आइये जानते हैं ब्रह्म कमल का पौधा क्या है? और इसके औषधीय गुण क्या-क्या होते हैं। इस लेख में ब्रह्मकमल के बारे में विस्तार से बताया गया है इसलिए इस लेख को ध्यान से पढ़े।

ब्रह्म कमल क्या है?

ब्रह्म कमल एक औषधीय फूल है और इस फूल को खिलते हुए देख लेने से सभी मनोकामना पूरी हो जाती है ऐसा लोगों का मानना है। यह मां नन्दादेवी का प्रिय पुष्प है और इसे केदारनाथ और बद्रीनाथ के देवताओं पर भी चढ़ाया जाता है। ब्रह्मकमल का वानस्पतिक नाम सौसुरिया ओबवल्लता (Saussurea obvallata) है। यह ज्यादातर हिमालय के राज्यों में पाया जाता है लेकिन आजकल इसे लोग अपने घरों में तथा गमलों में ऊगा रहें हैं।

ब्रह्म कमल फूल कब खिलता है?

ब्रह्म कमल का फूल साल में एक बार जुलाई से सितंबर के महीने में खिलता है। ब्रह्मकमल को कई नामों से जाना जाता है जैसे- उत्तरखंड में ब्रह्म कमल, कश्मीर में गलगल, हिमाचल में दूधाफूल, और उत्तर-पश्चिमी भारत में बरगनडटोगेस आदि।

ब्रह्म कमल का पौधा

ब्रह्म कमल का पौधा ख़ासकर उत्तराखंड राज्य का पौधा है यहां पर इसके फूलों की खेती भी की जाती है। उत्तराखंड में यह पिंडारी से लेकर रूपकुंड, चिफला, हेमकुण्ड, ब्रजगंगा, फूलों की घाटी तथा केदारनाथ तक पाया जाता है। भारत के अन्य राज्यों में इसे और भी कई नामों से जाना जाता है जैसे- कश्मीर में गलगल, हिमाचल में दूधाफूल और उत्तर-पश्चिमी भारत में बरगनडटोगेस आदि।

ब्रह्म कमल का पौधा

ब्रह्म कमल को तोड़ने के नियम

ब्रह्म कमल को तोड़ने के नियम बहुत ही सख्त होते हैं क्योंकि ज्यादातर लोग इसे देवताओं को चढ़ाने या पूजा करने के लिए ब्रह्मकमल के फूल को तोड़ते हैं। इसलिए लोगों में यह मान्यता है की इस फूल को तोड़ने से पहले अच्छे तरीके से नहाना चाहिए और फिर बिलकुल साफ कपडे या नए कपडे धारण करना चाहिए और इसके साथ मन में कोई भी बुरा विचार नहीं होना चाहिए।

एक तरह से यह समझ ले की बिलकुल साधुओं की तरह दुनिया के बारे में न सोच कर सिर्फ भगवन के बारे में ध्यान लगाकर इस फूल को तोडना चाहिए। ब्रह्मकमल के फूल को तोड़ने के बाद बहुत ही श्रद्धा से भगवन को अर्पित करें जिससे की आपकी मनोकामना पूरी हो सके।

ब्रह्म कमल के औषधीय गुण

ब्रह्म कमल को एक औषधि के रूप में भी इस्तेमाल किया जाता है। इसके इस्तेमाल से पुरानी से पुरानी खांसी को ठीक किया जा सकता है। इसके फूल को सुखाकर कैंसर जैसे रोगों के इलाज के लिए दवा बनाई जाती है। इसमें एन्टिसेप्टिक गुण होने के कारण जलने या चोट लगने पर इसका इस्तेमाल किया जाता है।

इसके फूलों को जौ के आटे में मिलाकर जानवरों को खिलाने से उनके मूत्र रोग की समस्या ठीक हो जाती है। सर्दी-ज़ुकाम में भी इसका इस्तेमाल करना बहुत ही फायदेमंद होता है। इसके इस्तेमाल से हड्डियों में हो रहे दर्द को ठीक किया जा सकता है। इसकी सुगंध बहुत ही तीव्र होती है और इसका उपयोग और भी कई रोगों को ठीक करने में किया जाता है।

ब्रह्म कमल का पौधा कैसे लगाये?

ब्रह्म कमल का पौधा कैसे लगाये? ब्रह्मकमल का पौधा लगाने के लिए निचे दिए हुए वीडियो को ध्यान से देखें। इस वीडियो को देखने के बाद आप आसानी से अपने घर पर ही इस अनोखे पौधे को लगाकर इसके औषधीय गुणों का फायदा ले सकते हैं।

FAQs: About brahma kamal

ब्रह्म कमल का पौधा कहाँ मिलेगा?

ब्रह्म कमल का पौधा ख़ासकर उत्तराखंड राज्य का पौधा है यहां पर इसके फूलों की खेती भी की जाती है। उत्तराखंड में यह पिंडारी से लेकर रूपकुंड, चिफला, हेमकुण्ड, ब्रजगंगा, फूलों की घाटी तथा केदारनाथ तक पाया जाता है।

ब्रह्म कमल का क्या महत्व है?

ज्यादातर लोग इसे देवताओं को चढ़ाने या पूजा करने के लिए ब्रह्मकमल के फूल को तोड़ते हैं। इसलिए लोगों में यह मान्यता है की इस फूल को तोड़ने से पहले अच्छे तरीके से नहाना चाहिए और फिर बिलकुल साफ कपडे या नए कपडे धारण करना चाहिए और इसके साथ मन में कोई भी बुरा विचार नहीं होना चाहिए।

ब्रह्म कमल का फूल कब खिलता है?

ब्रह्म कमल का फूल साल में एक बार जुलाई से सितंबर के महीने में खिलता है।

इस लेख के जरिए हमने आपकों ब्रह्म कमल का पौधा और औषधीय गुण के बारे में बताया है। मुझे आशा है कि आप ब्रह्मकमल के बारे में अच्छी तरह जान गए होंगे अगर अभी भी आपको कुछ सवाल पूछना है तो नीचे कमेंट में जरूर लिखें या अपनी राय हमें देना चाहते हैं तो जरूर दीजिए ताकि हम आपके लिए कुछ नया कर सकें और यदि आप इस लेख से संतुष्ट हैं तो अपने दोस्तों को अवश्य शेयर करें।

Advertisement
Advertisement
Advertisement

Recent Posts

Advertisement
Advertisement
Advertisement

Trending

%d bloggers like this: