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बुखार की सबसे अच्छी आयुर्वेदिक दवा क्या है? | bukhar in hindi

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बुखार की सबसे अच्छी आयुर्वेदिक दवा क्या है? (bukhar ki sabse acchi ayurvedic dawa) बुखार एक प्रकार का लक्षण है जिसमे हमारे शरीर का तापमान बढ़ जाता है। बुखार के बहुत सारे कारण हो सकते है।

मौसम में बदलाब की वजह, किसी वायरस का संक्रमण या शरीर में किसी प्रकार की बीमारी के कारण बुखार आ सकता है। बुखार आने का मतलब यह है की हमारा शरीर रोगाणुओं से लड़ रहा है।

बुखार में हमारी सफ़ेद रक्त कोशिका वायरस या बीमारी से लड़कर उसे ख़तम करती है जिससे शरीर का तापमान बढ़ जाता है। शरीर का सामान्य तापमान 37 डिग्री सेल्सियस होता है लेकिन बुखार की वजह से यह तापमान बढ़ जाता है। सामान्य बुखार 2-3 दिन में ठीक हो जाते है और वायरल बुखार 13-14 दिन में ठीक होता है।

अगर आपको तीब्र बुखार है या बुखार को आये २-३ दिन हो चुके है। ऐसे में आप घरेलू या आयुर्वेदिक इलाज को छोड़कर तुरंत अपने नजदीकी अस्पताल में जाकर जाँच कराये। क्योकि घरेलु उपचार आप तभी कर पाएंगे जब आपको यह पता हो की बुखार क्यों आ रहा है। घरेलु उपचार से आपको थोड़ी राहत जरूर मिल जाएगी मगर आपके लिए बेहतर यही होगा की अपना इलाज जाँच करा के ही करवाये।

बुखार के लक्षण

आइये जानते हैं की बुखार के लक्षण क्या-क्या हो सकते हैं जिसे पहचान कर हम इसका इलाज आयुर्वेदिक तरीके से कर सकते हैं।

ठंड लगनाथका हुआ महसूस होनाउल्टी होना
शरीर में दर्दआँखों में जलन होनासिर दर्द होना
पेट दर्द होनाकमजोरी चक्कर आनाभूख न लगना
शरीर गरम होनात्वचा खुरदुरा होनासाँस लेने में दिक्कत

बुखार के प्रकार

आइये जानते हैं की बुखार कितने प्रकार के होते हैं। जिसे पहचान कर हम उसका इलाज आयुर्वेदिक तरीके से कर सकते हैं।

  • सामान्य बुखार
  • सर्दी बुखार
  • तीब्र बुखार
  • दिमागी बुखार
  • मलेरिया बुखार
  • डेंगू बुखार
  • टाइफाइड या मियादी बुखार
  • पित्त बुखार
  • कफ बुखार
  • वातज्वर- गठिये का बुखार

बुखार की सबसे अच्छी आयुर्वेदिक दवा

बुखार की सबसे अच्छी आयुर्वेदिक दवा के बारे में नीचे कुछ जानकारियां दी गयी हैं जिससे बुखार की समस्या से कुछ ही देर में राहत मिल सकती है। यह आयुर्वेदिक तरीका बर्षों पुराने समय से हमारे पूर्वजों द्वारा अपनाया जा रहा है।

बुखार की सबसे अच्छी आयुर्वेदिक दवा

इससे शरीर को कोई भी नुकसान नहीं होता है। आइये जानते हैं बुखार की सबसे अच्छी आयुर्वेदिक दवा के बारे में जो सदियों से इस्तेमाल हो रही हैं।

बुखार की सबसे अच्छी आयुर्वेदिक दवा गिलोय

बुखार की सबसे अच्छी आयुर्वेदिक दवा है गिलोय। इसका काढ़ा बनाकर पीने से हर तरह के बुखार में तुरंत राहत मिलती है। गिलोय के रोजाना सेवन से इम्युनिटी बढ़ती है तथा सर्दी खांसी तथा बुखार आदि से छुटकारा मिलता है।

तुलसी का काढ़ा

बुखार की सबसे अच्छी आयुर्वेदिक दवा- एक गिलास पानी में 3-4 तुलसी के पत्ते और 1-2 लौंग की कली कुचकर डाल लें फिर उसको उबाल लें। और तैयार काढ़े को दिन में 3-4 बार पीये बुखार से बहुत राहत मिलेगा। यह सामान्य बुखार के लिए सबसे फायदेमंद काढ़ा होता है।

काली मिर्च और अदरक का काढ़ा

एक गिलास पानी में एक छोटी चम्मच हल्दी पाउडर डालें और थोड़ी सी अदरक और 2 से 3 दाने काली मिर्च कूचकर पानी में डालकर तब तक उबालेंजब तक पानी आधा हो जाये फिर उसे छानकर तैयार काढ़ा को पीने से बुखार उतर जाता है। यह काढ़ा बुखार की सबसे अच्छी आयुर्वेदिक दवा के रूप में इस्तेमाल किया जाता है।

विशेष नींबू पानी

एक गिलाश तैयार नींबू पानी में एक छोटी चम्मच भुनी हुई अजवाइन डालकर मिला ले और इसको पीये। बुखार में हुई कमजोरी और थकान से राहत मिलती है।

बुखार की सबसे अच्छी आयुर्वेदिक दवा का काढ़ा बनाने का तरीका

आइये जानते हैं की बुखार की सबसे अच्छी आयुर्वेदिक दवा का काढ़ा बनाने का तरीका क्या होता है और इसे कैसे इस्तेमाल किया जाता है।

काढ़ा बनाने की आवश्यक सामग्री

आवश्यक सामग्रीमात्रा
तुलसी की पत्तियां20 से 25
अदरकएक छोटा सा टुकड़ा
काली मिर्च4 से 5 कली
पानी2 कप

एक पैन में दो कप पानी डालकर उबलने दें और फिर उसमे अदरक, काली मिर्च और तुलसी की पत्तियों को कूटकर उसे पानी में तब तक उबलने दें जब तक पानी आधा न रह जाये फिर पानी को छानकर रोगी को पिलाये। ऐसा करने से बुखार सामान्य हो जायेगा। ज्यादा बुखार होने पर दिन में दो से तीन बार काढ़े को पिलाये।

बुखार में अपनाये ये सावधानियां

बुखार होने पर कुछ सावधानियों को ध्यान में रखने से बुखार की समस्या से जल्द राहत मिलती है। आइये जानते हैं की बुखार होने पर क्या सावधानी रखनी चाहिए।

  • बुखार की वजह से ठण्ड लग रही हो तो नहाने से बचे।
  • बुखार की वजह से कुछ करने का दिल नहीं करता ऐसे में अगर पेशाब या मल आये तो उसे रोकना नही चाहिए।
  • बुखार में आप लेटकर आराम करे मगर ज्यादा सोये नहीं।
  • गुनगुना और साफ़ पानी पीये तथा हल्का भोजन करे।
  • बुखार में बदन दर्द होने पर अपना हाथ-पैर या सर किसी से न दबवाये।
  • चूकी बुखार का कारण कोई वायरस भी हो सकता है इसलिए हमेशा हाथ साफ रखे।
  • खाने-पीने की चीजों को साझा न करे।
  • नाक, आँख, मुँह को छूने से बचे और छींक आने पर मुँह को रुमाल से ढँक ले।

बुखार की सबसे अच्छी आयुर्वेदिक दवा (Swami Ramdev)

FAQs: About Bukhar ki dawa

बुखार में कौन सा काढ़ा पीना चाहिए?

क गिलास पानी में 3-4 तुलसी के पत्ते और 1-2 लौंग की कली कुचकर डाल लें फिर उसको उबाल लें। और तैयार काढ़े को दिन में 3-4 बार पीये बुखार से बहुत राहत मिलेगा। यह सामान्य बुखार के लिए सबसे फायदेमंद काढ़ा होता है।

बुखार का आयुर्वेदिक दवा क्या है?

एक गिलास पानी में एक छोटी चम्मच हल्दी पाउडर डालें और थोड़ी सी अदरक और 2 से 3 दाने काली मिर्च कूचकर पानी में डालकर तब तक उबालेंजब तक पानी आधा हो जाये फिर उसे छानकर तैयार काढ़ा को पीने से बुखार उतर जाता है।

बार बार बुखार आने का कारण क्या है?

इम्यूनिटी कमजोर होने के कारण बार-बार बुखार या जुकाम की समस्या होती है।

बुखार के लिए काढ़ा कैसे बनाएं?

एक पैन में दो कप पानी डालकर उबलने दें और फिर उसमे अदरक, काली मिर्च और तुलसी की पत्तियों को कूटकर उसे पानी में तब तक उबलने दें जब तक पानी आधा न रह जाये फिर पानी को छानकर रोगी को पिलाये। ऐसा करने से बुखार सामान्य हो जायेगा। ज्यादा बुखार होने पर दिन में दो से तीन बार काढ़े को पिलाये।

इस लेख के जरिए हमने आपकों बुखार की सबसे अच्छी आयुर्वेदिक दवा क्या है? | bukhar in hindi के बारे में बताया है। मुझे आशा है कि आप बुखार की सबसे अच्छी आयुर्वेदिक दवा के बारे में अच्छी तरह जान गए होंगे अगर अभी भी आपको कुछ सवाल पूछना है तो नीचे कमेंट में जरूर लिखें या अपनी राय हमें देना चाहते हैं तो जरूर दीजिए ताकि हम आपके लिए कुछ नया कर सकें और यदि आप इस लेख से संतुष्ट हैं तो अपने दोस्तों को अवश्य शेयर करें।

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