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जांघों के बीच फंगल संक्रमण के लिए घरेलू उपचार

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जांघों के बीच फंगल संक्रमण के लिए घरेलू उपचार – फंगल संक्रमण एक प्रकार का सामान्य रोग है जो शरीर के बाहरी त्वचा पर होता है। जब फंगस के आक्रमण से हमारे शरीर का प्रतिरक्षा तंत्र लड़ने में कमजोर पड जाता है, तब इस फंगल संक्रमण रोग की शुरुआत होती है। इसका हमारे शरीर पर सामान्य असर रहता है परन्तु समय पर इलाज न करवाने से यह खतरनाक हो जाता है।

शरीर की बाहरी त्वचा के जिस हिस्से में यह संक्रमण होता है वहाँ पे त्वचा लाल हो जाती है और खुजली होने लगती है। हमारी जांघों के बीच ज्यादा पसीना होता है जिसके कारण वहां की त्वचा में नमी हो जाती है और वहां पे फंगल संक्रमण होने का ज्यादा खतरा बना रहता है। फंगल संक्रमण का एलोपैथिक इलाज अच्छा होता है परन्तु इसका सबसे उत्तम इलाज आयुर्वेदिक द्वारा होता है।

Table of Contents

फंगल कितने प्रकार के होते हैं?

आइये जानते हैं फंगल कितने प्रकार के होते हैं? और इनका क्या-क्या नाम होते हैं।

No.हिंदी नामइंग्लिश नाम
1.असोमाइकोटाAscomycota
2.नियोकैलीमास्टिगोमाइकोटाNeocallimastigomycota
3.बेसिडिओमाइकोटाBasidiomycota
4.माइक्रोस्पोरिडियाMicrosporidia
5.ब्लास्टोक्लेडियोमाइकोटाBlastocladiomycota
6.चिट्रिडिओमाइकोटाChytridiomycota
7.ग्लोमेरोमाइकोटाGlomeromycota

जांघों के बीच फंगल संक्रमण क्या होता है?

वात, कफ और पित्त इन तीनो दोषों का आपस में संतुलन बिगड़ जाने के कारण फंगल संक्रमण जैसी बीमारी उत्पन्न हो जाती है। यह बीमारी बच्चों से लेकर बुजुर्गों आदि सभी को हो सकती है। इससे बचने का रामबाण इलाज यही है की अपने तीनों दोषों को नियंत्रण में रखा जाय तभी हम इस बीमारी से बच सकते हैं।

janghon ke beech phangal sankraman ke gharelu upachar

यह बीमारी ज्यादातर गर्मियों के मौसम में होती है। इस बीमारी का होना आम बात है। परन्तु इस बीमारी का ज्यादा दिन तक हमारे शरीर में रहना बहुत सारी बिमारियों को न्योता देने के बराबर होता है अतः इस बीमारी का इलाज जितना जल्दी हो सके करा लेनी चाहिए।

जांघों के बीच फंगल संक्रमण होने के कारण

जांघों के बीच फंगल संक्रमण के लिए घरेलू उपचार– जांघों के बीच फंगल संक्रमण होने के निम्नलिखित कारण हो सकते हैं। आइये जानते हैं इसके बारे में विस्तार से।

  • शरीर की त्वचा का वह क्षेत्र जहां ज्यादा गर्मी या ज्यादा नमी रहती है उस जगह पर फंगल संक्रमण होने की संभावना रहती है।
  • शरीर की रोग से लड़ने की क्षमता कम होने पर भी ऐसे संक्रमण होने की संभावना रहती है।
  • फंगल संक्रमण कुछ बीमारी जैसे- मधुमेह और कैंसर की वजह से भी हो सकता है।
  • नियमित और लम्बे समय तक साईकिल चलाने तथा जॉगिंग करने से भी फंगल संक्रमण हो सकते हैं।
  • सेनेटरी पैड से भी महिलाओं को जांघों के बिच फंगल संक्रमण होने का खतरा रहता है।
  • बरसात के मौसम में इसका होना आम बात है।

जांघों के बीच फंगल संक्रमण के लक्षण

1.प्रभावित क्षेत्र में जलन होना।
2.त्वचा का छिलकेदार होना।
3.त्वचा में लालपन आना।
4.अत्यधिक खुजली होना।
5.कुछ मामलो में सूजन की समस्या हो जाती है।
6.फंगल संक्रमण के कारण त्वचा पर छाले भी हो जाते है।

जांघों के बीच फंगल संक्रमण के लिए घरेलू उपचार

जांघों के बीच फंगल संक्रमण के लिए घरेलू उपचार निम्नलिखित होते हैं। आइये बताते हैं इसके बारे में विस्तार पूर्वक जिसे समझने के बाद आपको जांघों के बीच फंगल संक्रमण से छुटकारा मिल सकता है।

  • नीम की पत्तियों को पीसकर उसे पीये। क्योकि नीम की पत्तियां किसी भी प्रकार के संक्रमण से शरीर की सुरक्षा करती है।
  • नीम की पत्तिया बहुत ही कड़वी होती है इसलिए पीसी हुयी पत्तियों को हल्का करने के लिए आप उसमे थोड़ा पानी डाल सकते है।
  • नीम की पत्तियों को पीने के बाद उलटी होने की संभावना रहती है इसलिए पीसी हुयी पत्तियों को पीने के बाद आप थोड़ा सा दूध पी सकते है।
  • नीम की पत्तियों को पानी में उबालकर उस पानी को अलग कर ले और उसी पानी से प्रभावित क्षेत्र को दिन में 6-7 बार धोये।
  • आप बाजार से कोई मलहम भी खरीद कर उस जगह पर लगा सकते है।

हल्दी से करें जांघों के बीच फंगल संक्रमण के लिए घरेलू उपचार

हल्दी से करें जांघों के बीच फंगल संक्रमण के लिए घरेलू उपचार क्योंकि हल्दी में एंटीफंगल के गुण पाए जाते हैं जो की फंगल संक्रमण को जड़ से ख़त्म करने में बहुत फायदेमंद होती है। इसके लिए कच्चा हल्दी को पीसकर फंगल संक्रमण वाली जगह पर लगाने से फंगल संक्रमण से तुरंत राहत मिलती है।

नीम से करें जांघों के बीच फंगल संक्रमण के लिए घरेलू उपचार

नीम से करें जांघों के बीच फंगल संक्रमण के लिए घरेलू उपचार क्योंकि नीम त्वचा के किसी भी तरह के फंगल संक्रमण से बचाने में बहुत फायदेमंद होती है। इसके लिए नीम का रस या नीम की पत्तियों को पानी में उबालकर उसे छान लें और उस पानी को फंगल संक्रमण वाली जगह पर दिन में 5-7 बार लगाने से फंगल संक्रमण से राहत मिलती है।

जांघों के बीच फंगल संक्रमण के लिए घरेलू उपचार के लिए नारियल तेल

जांघों के बीच फंगल संक्रमण के लिए घरेलू उपचार के लिए नारियल तेल बहुत ही फायदेमंद होता है क्योंकि नारियल के तेल में फैटी एसिड होने के कारण किसी भी प्रकार के फंगल संक्रमण को ख़त्म करने में बहुत ही प्रभावी होता है। फंगल संक्रमण को ख़त्म करने के लिए प्रभावित जगहों पर नारियल का तेल दिन में दो से तीन बार लगा कर छोड़ दें।

जांघों के बीच फंगल संक्रमण के लिए घरेलू उपचार के लिए लहसुन

जांघों के बीच फंगल संक्रमण के लिए घरेलू उपचार के लिए लहसुन एक कारगर औषधि के रूप में मन जाता है क्योंकि लहसुन में एंटी फंगल के गुण मौजूद होते हैं। इसके लिए लहसुन की 4-5 कलियों को पीसकर फंगल संक्रमण वाली जगहों पर लगाने से फंगल संक्रमण से बहुत जल्द राहत मिलती है।

एलोवेरा जेल से करें जांघों के बीच फंगल संक्रमण के लिए घरेलू उपचार

एलोवेरा जेल से करें जांघों के बीच फंगल संक्रमण के लिए घरेलू उपचार क्योंकि एलोवेरा जेल में भरपूर मात्रा में एंटी फंगल के गुण मौजूद होते हैं जिस कारण एलोवेरा जेल को प्रभावित जगहों पर लगाने से फंगल संक्रमण में बहुत जल्द राहत मिलती है। इसके लिए एलोवेरा के पौधे से ताजा एलोवेरा जेल निकलकर लगाए।

कपूर से करें जांघों के बीच फंगल संक्रमण के लिए घरेलू उपचार

कपूर से करें जांघों के बीच फंगल संक्रमण के लिए घरेलू उपचार क्योंकि आयुर्वेद के अनुसार 5 ग्राम कपूर और 1 ग्राम नेप्थलीन को कैरोसिन आयल में मिलाकर फंगल संक्रमण वाली जगहों पर लगाने से बहुत जल्द फंगल संक्रमण से राहत मिलती है।

जांघों के बीच फंगल संक्रमण के समय होने वाली सावधानियाँ

  • शरीर के संक्रमित क्षेत्र को खुजलाने से बचे।
  • मीठी चीजों का सेवन कम कर दे।
  • साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दे।
  • शरीर के संक्रमित क्षेत्र को छूने से बचे और यदि किसी कारणवश छूना पड़े तो उसके बाद अपने हाँथ जरूर धोए।
  • फंगल से संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से बचे।

FAQs: About Fungal infection

फंगल इंफेक्शन को जड़ से कैसे खत्म करें?

नीम की पत्तियों को पानी में उबालकर उस पानी को अलग कर ले और उसी पानी से प्रभावित क्षेत्र को दिन में 6-7 बार धोये।

फंगल इन्फेक्शन कितने दिन में ठीक होता है?

फंगल इन्फेक्शन को ठीक होने में कम से कम 15 से 20 दिन तक लग सकता है।

फंगल इन्फेक्शन में क्या खाएं क्या ना खाएं?

फंगल इन्फेक्शन में फाइबर युक्त भोजन करना चाहिए।

फंगल कितने प्रकार के होते हैं?

फंगल के प्रकार असोमाइकोटा, नियोकैलीमास्टिगोमाइकोटा, बेसिडिओमाइकोटा, माइक्रोस्पोरिडिया, ब्लास्टोक्लेडियोमाइकोटा आदि कई प्रकार के होते हैं।

जांघ में खुजली हो तो क्या करना चाहिए?

शरीर के संक्रमित क्षेत्र को खुजलाने से बचे।
मीठी चीजों का सेवन कम कर दे।
साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दे।

इंफेक्शन कितने प्रकार के होते हैं?

फंगल के प्रकार असोमाइकोटा, नियोकैलीमास्टिगोमाइकोटा, बेसिडिओमाइकोटा, माइक्रोस्पोरिडिया, ब्लास्टोक्लेडियोमाइकोटा, चिट्रिडिओमाइकोटा आदि कई प्रकार के होते हैं।

इस लेख के जरिए हमने आपकों जांघों के बीच फंगल संक्रमण के लिए घरेलू उपचार के बारे में बताया है। मुझे आशा है कि आप जांघों के बीच फंगल संक्रमण के लिए घरेलू उपचार के बारे में अच्छी तरह जान गए होंगे और बताये गए घरेलू उपचारों को अपनाकर इस समस्या से छुटकारा पा सकेगें। परन्तु इसके पश्चात् भी यदि समस्या अधिक हो रही है तो किसी चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें।

और अगर अभी भी आपको इसके बारे में कुछ सवाल पूछना है तो नीचे कमेंट में जरूर लिखें या अपनी राय हमें देना चाहते हैं तो जरूर दीजिए ताकि हम आपके लिए कुछ नया कर सकें और यदि आप इस लेख से संतुष्ट हैं तो अपने दोस्तों को अवश्य शेयर करें धन्यवाद।

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