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कब्ज की आयुर्वेदिक दवा क्या है?

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कब्ज की आयुर्वेदिक दवा क्या है?- kabj ki ayurvedic dawa- आइये जानते हैं कब्ज का घरेलू उपचार क्या होता है। और कब्ज की बीमारी को जड़ से कैसे ख़त्म करें। इस लेख में कब्ज के बारे में विस्तार से बताया गया है।

पेट में कब्ज क्यों बनती है?

प्राकृतिक चिकित्सा में सभी बीमारियों का मूल कारण मल है। आयुर्वेद में यह कहा गया है कि यह मल शरीर में तीन रूपों में रहता है।

No. 1वात (वायु)
No. 2पित्त (एसिडिटी)
No. 3कफ

यह तीनों दोष जब संतुलित रहते हैं तब शरीर में कोई रोग नहीं होता है लेकिन गलत खान-पान के कारण जो दोष असंतुलित होता है तो उसी तरह के रोग शरीर में उत्पन्न होते हैं। अतः आपको खुद डॉक्टर बनना है और यह देखना है कि बीमारी के लक्षणों के अनुसार कौन सा दोष असंतुलित हुआ है और उसे कैसे संतुलित किया जाए। और अगर इन तीनों दोषों को संतुलित करने में आप कामयाब रहे तो आप कभी बीमार नहीं पड़ेंगे।

कब्ज की आयुर्वेदिक दवा

खासतौर से कब्ज की बीमारी के लिए अपने खान-पान के तरीकों में कैसे बदलाव करें और कौन-कौन सी आयुर्वेदिक चीजों का सेवन करें उसके बारे में आइये कुछ जानते हैं जो हमारे आयुर्वेद में बताया गया हैं|

पेट साफ न होने के कारण

पेट साफ न होने से हमें कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता है। आइये जानते हैं की पेट साफ न होने के कारण क्या क्या हो सकते हैं।

  • तरल पदार्थों का सेवन कम करना।
  • पानी कम पीने की आदत का होना।
  • अनियमित भोजन करने की आदत का होना।
  • बार-बार कुछ न कुछ कहते रहना।
  • देर रात तक जागने की आदत का होना।
  • समय से न खाने की आदत।
  • हमेशा तनाव में रहना।
  • अधिक मात्रा में चाय, कॉफी, सिगरेट आदि का सेवन करना।
  • दवाइयों का अधिक मात्रा में सेवन करना।

पेट साफ न होने के लक्षण

आइये जानते हैं की पेट साफ न होने के लक्षण क्या-क्या होते हैं जिससे की हम इसका इलाज कर सकें।

कब्ज से राहत पाने के लिए क्या बदलाव करें?

कब्ज के घरेलू उपचार जानने से पहले अगर हम अपनी कुछ आदतों में बदलाव कर लें तो हमारी आधी समस्या यहीं पर खत्म हो जाती है। आइये जानते हैं की हम क्या-क्या बदलाव कर सकते हैं जिससे हमें कब्ज से राहत मिल सके।

मानसिक तनाव->

हमेशा से हमारे बुजुर्गों द्वारा यह बताया जाता है की चिंता चिता के समान होती है इसके अनेकों कारण है। लेकिन बहुत से लोग यह सोचते हैं की चिंता या मानसिक तनाव से हमारे शरीर को क्या लेना देना लेकिन मानसिक तनाव से हमारे शरीर पर बहुत बुरा असर पड़ता है।

जैसे मानसिक तनाव से जल्दी नींद नहीं आती और नींद नहीं आएगी तो हमारे शरीर को आराम नहीं मिलेगा और आराम ना मिलने से ठीक से हमारा खाना नहीं पचेगा और हम बीमार पड़ जाते हैं। बीमार होने के ऐसे ही बहुत सारे कारण होते है जो सिर्फ मासिक तनाव से पैदा होते हैं।इसलिए सबसे पहले मानसिक तनाव को दूर करने की कोशिश करें।

व्यायाम->

हमारे शरीर को स्वस्थ रखने के लिए व्यायाम बहुत जरूरी होता है इसके लिए आप सुबह-सुबह आधे घंटे के लिए व्यायाम जरूर करें।

kabj

भोजन->

बहुत सारे लोगों में देखा गया है की भोजन करने के बाद सलाद या फल वगैरह खाते हैं जो की बहुत नुकसान दायक होता है। अगर आप कब्ज से परेशान हैं तो आप ऐसा बिलकुल ना करें। भोजन करने से पहले आपको सलाद या फल खाना है उसके बाद भोजन करना है और कभी भी रात को दही का सेवन ना करें। सुबह दही दोपहर में छाछ और रात में दूध पीना चाहिए।

और हमेशा एक जैसा भोजन ना करें जैसे एक ही प्रकार की दाल, एक ही प्रकार का तेल या ही प्रकार की सब्जी। भोजन हमेशा बदल-बदल कर खाना चाहिए जैसे आज अरहर की दाल खा लें तो कल चने की दाल फिर मूंग की दाल इस तरह से बदल-बदल कर सब्जी और तेल का भी सेवन करें। ऐसा करने से हमारे शरीर को हर तरह की प्रोटीन और विटामिन मिलती है जिससे हमारा स्वास्थ्य सही रहता है और हम जल्दी बीमार नहीं पड़ते हैं।

पानी->

पानी हमारे स्वास्थ्य को बनाए रखने में मुख्य भूमिका निभाता है। आपने सुना ही होगा पानी ही जीवन है लेकिन बहुत से लोग या तो पानी बहुत कम पीते हैं या तो गलत तरीके से पानी का सेवन करते हैं जो शरीर को नुकसान देता है। अगर आप कब्ज से परेशान रहते है तो आपको हर मौसम में गुनगुना पानी ही पीना है।

और कोशिश करें की भोजन करने से आधा घंटा पहले और आधा घंटा बाद पानी ना पियें। आयुर्वेद के अनुसार सुबह उठते ही बिना मुंह धोए गुनगुना पानी पीना चाहिए। इसका मतलब यह है कि हमारे मुंह के अंदर जो सुबह का लार होता है उसका बहुत महत्व बताया गया है क्योंकि हमारे पेट के अंदर जो अम्ल बनता है उसे यह काटता है और पाचन क्रिया मजबूत बनाता है।

कब्ज की आयुर्वेदिक दवा

कब्ज की आयुर्वेदिक दवा बहुत सी होती हैं लेकिन जो सबसे प्रचलित आयुर्वेदिक दवा है आइये उसके बारे में विस्तार से जानते हैं।

एलोवेरा आमला जूस->

अगर आप कब्ज से परेशान हैं तो रोजाना सुबह खाली पेट आमला एलोवेरा जूस का सेवन अवश्य करें। इससे पाचन शक्ति मजबूत होती है और कब्ज से छुटकारा मिलता है।

दूध और गाय का घी->

रोजाना रात को सोने से पहले एक गिलास दूध में एक चम्मच शुद्ध गाय का घी मिलाकर पीने से बहुत जल्द ही कब्ज से छुटकारा पा सकते हैं।अगर आप कब्ज से परेशान है तो इसका सेवन रोजाना करें। 

दिव्य शुद्धि चूर्ण->

अगर आप कब्ज से परेशान है और आपको तुरंत राहत चाहिए तो पतंजलि का दिव्य शुद्धि चूर्ण का इस्तेमाल कर सकते हैं। इससे आपको तुरंत राहत मिल सकती है। 

मुनक्का->

रोजाना रात को लगभग 8 से 10 ग्राम मुनक्का को पानी में भिगोकर छोड़ दें और सुबह इसे दूध में उबालकर खाएं। ऐसा रोजाना करने से कब्ज की समस्या धीरे धीरे कम हो जाती है। यह कब्ज की आयुर्वेदिक दवा है।

कब्ज की आयुर्वेदिक दवा बेल->

कब्ज की आयुर्वेदिक दवा है बेल क्योंकि बेल के फल का जूस पीने से कब्ज की समस्या से राहत मिलती है। आधा कप बेल के फल का गुदा तथा एक चम्मच गुड़ का सेवन कब्ज की समस्या से राहत पाने में बहुत फायदेमंद होता है।

जीरा और अजवाइन->

जीरा और अजवाइन का इस्तेमाल कब्ज की आयुर्वेदिक दवा के रूप में किया जाता है। इसके लिए जीरा और अजवाइन को धीमी आंच में भूनकर पीस लें और इसमें काला नमक मिलाकर रख लें। ध्यान रहे तीनो की मात्रा समान होनी चाहिए। रोजाना आधा चम्मच गुनगुने पानी में मिलाकर पिने से कब्ज की समस्या से राहत मिलती है।

बेल का जूस बनाने की विधि

FAQs: About Constipation

पेट में कब्ज क्यों बनती है?

अधिक मात्रा में चाय, कॉफी, सिगरेट आदि का सेवन करना। अनियमित भोजन करने की आदत का होना।

कब्ज का परमानेंट इलाज?

अगर आप कब्ज से परेशान हैं तो रोजाना सुबह खाली पेट आमला एलोवेरा जूस का सेवन अवश्य करें। इससे पाचन शक्ति मजबूत होती है और कब्ज से छुटकारा मिलता है।

कैसे मल तुरंत नरम करने के लिए?

अगर आप कब्ज से परेशान है और आपको तुरंत राहत चाहिए तो पतंजलि का दिव्य शुद्धि चूर्ण का इस्तेमाल कर सकते हैं। इससे आपको तुरंत राहत मिल सकती है। 

लैट्रिन नहीं आने पर क्या करें?

रोजाना रात को लगभग 8 से 10 ग्राम मुनक्का को पानी में भिगोकर छोड़ दें और सुबह इसे दूध में उबालकर खाएं। ऐसा रोजाना करने से कब्ज की समस्या धीरे धीरे कम हो जाती है। यह कब्ज की आयुर्वेदिक दवा है।

कब्ज में क्या खाये?

रोजाना रात को सोने से पहले एक गिलास दूध में एक चम्मच शुद्ध गाय का घी मिलाकर पीने से बहुत जल्द ही कब्ज से छुटकारा पा सकते हैं।अगर आप कब्ज से परेशान है तो इसका सेवन रोजाना करें। 

तुरंत पेट साफ कैसे करे?

जीरा और अजवाइन का इस्तेमाल कब्ज की आयुर्वेदिक दवा के रूप में किया जाता है। इसके लिए जीरा और अजवाइन को धीमी आंच में भूनकर पीस लें और इसमें काला नमक मिलाकर रख लें। ध्यान रहे तीनो की मात्रा समान होनी चाहिए। रोजाना आधा चम्मच गुनगुने पानी में मिलाकर पिने से कब्ज की समस्या से राहत मिलती है।

इस लेख के जरिए हमने आपकों कब्ज की आयुर्वेदिक दवा क्या है? के बारे में बताया है। मुझे आशा है कि आप कब्ज की आयुर्वेदिक दवा के बारे में अच्छी तरह जान गए होंगे अगर अभी भी आपको कुछ सवाल पूछना है तो नीचे कमेंट में जरूर लिखें या अपनी राय हमें देना चाहते हैं तो जरूर दीजिए ताकि हम आपके लिए कुछ नया कर सकें और यदि आप इस लेख से संतुष्ट हैं तो अपने दोस्तों को अवश्य शेयर करें।

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