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सूखा सिंघाड़ा खाने के फायदे | नुकसान

सूखा सिंघाड़ा खाने के फायदे – सिंघाड़ा जल में उगने वाला फल है। इस फल के ऊपर की मोटी परत का रंग हरा और गुलाबी होता है। जिस पर 2 काँटे होते है। इसी मोटी परत (छिलका) को हटाने पर अंदर का फल मिलता है। जो सफ़ेद रंग का छोटे से दिल के आकर का होता है। इसका स्वाद हल्का मीठा होता है।

इसका वैज्ञानिक नाम ट्रापा नाटांस(Trapa natans) होता है। और इसे अंग्रेजी में वाटर चेस्टनट (water chestnut) कहते है। यह एक पवित्र फल माना जाता है। और इसका उपयोग प्रसाद बनाने और व्रत में खाने के लिए किया जाता है। यह सर्दी के मौसम में पाया जाता है। इस फल के बहुत सारे लाभ होते है।

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सिंघाड़ा खाने के मुख्य तरीके

सिंघाड़ा खाने के कई तरीके हैं जिनमे से कुछ मुख्य तरीके इस प्रकार से हैं –

कच्चा खाने में सिंघाड़ा

सिंघाड़े के फल को उसका छिलका हटाकर सीधा खा सकते है।

उबाल के खाने में सिंघाड़ा

सिंघाड़े के फल को पानी में तब तक उबालें जब तक सिंघाड़ा काले रंग का न हो जाये। फिर उसके बाद उसको छीलकर नमक के साथ खा सकते है।

आटा बना के खाने में सिंघाड़ा

इसका आटा बनाने के लिए सबसे पहले कच्चा सिंघाड़ा ले और उसका छिलका उतार कर उसको धूप में अच्छे से सुख जाने दे। फिर उसको मिक्सी में पीसकर उसका आटा तैयार कर ले। और आप इसको अपने हिसाब से प्रयोग करें।

सिंघाड़े में पाये जाने वाले पोषक तत्व

विटामिन-ए, विटामिन-सी, फॉस्फोरस, प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, मैंगनीज, कैल्शियम, फाइबर, आयरन, जिंक, पोटैशियम, आयोडीन, सोडियम, मैग्नीशियम और सिट्रिक एसिड आदि।

सूखा सिंघाड़ा खाने के फायदे

मधुमेह पर नियंत्रण रखें

सिंघाड़े का फल मधुमेह की वजह से शरीर में आयी कमजोरी को दूर करता है। यह शुगर फ्री होता है। और हमारे रक्त शर्करा का स्तर को नियंत्रण में रखता है।

पित्त रोग में सहायक

सिंघाड़े के प्रयोग से पित्त रोग यानी पेट में जलन की वजह से होने वाली सभी समस्या को दूर करता है। क्योंकि यह जल में पाया जाता है। और इसकी तासीर ठंडी होती है।

मूत्र संक्रमण की समस्या को करे दूर करे

यदि किसी के पेशाब में जलन, पेशाब रुक-रुक के आना या पेशाब बार-बार आना जैसी समस्या होती है तो वह सिंघाड़े के फल का प्रयोग कर सकते है। जिससे उनकी मूत्र संक्रमण जैसी सभी बीमारिया ख़तम हो सकती है।

आलस्य ना आने दे

जिनको आलस्य आना, किसी काम में मन ना लगना या थोड़ी देर काम करने के बाद आलस्य आना जैसी बीमारी होती है। यदि वे लोग सिंघाड़े का प्रयोग करे तो उन्हें इस समस्या से छुटकारा मिल सकती है।

भूख बढ़ाये

जिनको खाने का मन नहीं करता या भूख नहीं लगती या फिर गला सूखा रहता है और हरदम प्यास लगती है। ऐसी समस्या है वह लोग को सिंघाड़े खाने से सारी समस्या दूर हो सकती है।

शुक्राणुओं की संख्या बढ़ाने में

सिंघाड़े के सेवन से वीर्य गाढ़ा होता है और उसमें शुक्राणुओं की संख्या बढ़ती है। इसके अलावा सिंघाड़ा ढेर सारी सेक्स समस्याओं को दूर करता है।

खुजली से दिलाए राहत

शरीर में गर्मी बढ़ने की वजह से खुजली जैसी समस्या होती है ऐसे में सिंघाड़े का प्रयोग शरीर को ठंडक देता है और स्किन इंफेक्शन भी दूर करता है जिससे खुजली जैसी समस्या नहीं होती है।

अनिद्रा को दूर करे

जो लोग तनाव में रहते है उनको अनिद्रा जैसी समस्या होती है। अगर वह लोग अपने आहार में सिंघाड़े के फल को शामिल कर ले तो उन्हें इस समस्या से जल्द राहत मिल सकती है।

रक्तस्राव को रोके

किसी भी प्रकार का रक्तस्राव हो रहा हो जैसे- नाक से खून आना, या बवासीर की वजह से खून आना या फिर महिलाओ में पीरियड के समय रक्तस्राव आदि समस्याओं के लिए सिंघाड़ा बहुत ही लाभदायक होता है।

बालों को रखें मजबूत

किसी भी प्रकार की बालों की समस्या जैसे – बालों का कमजोर होना या बालों का झड़ना इत्यादि। ये सब पोषण की कमी से होता है। इसलिए ऐसी समस्या से बचने के लिए कच्चा सिंघाड़ा खाना चाहिए। यह बालों की जड़ों को मजबूत करता है।

सिंघाड़ा खाने के नुकसान

सिंघाड़ा के ज्यादा सेवन से पेट की समस्या हो सकती है और आपका पाचन तंत्र बिगड़ सकता है।

सिंघाड़ा के खाने के तुरंत बाद पानी नहीं पीना चाहिए। नहीं तो खांसी हो सकती है।

ज्यादा मात्रा में सिंघाड़ा खाने से पेट में दर्द और सूजन जैसी समस्या हो जाती है।

हमें 1 दिन में 8-10 से ज्यादा सिंघाड़ा नहीं खाना चाहिए।

हमें उम्मीद है यह लेख सूखा सिंघाड़ा खाने के फायदे और नुकसान आपको बहुत पसंद आया होगा अगर अभी भी आपको कुछ सवाल पूछना है तो नीचे कमेंट में जरूर लिखें या अपनी राय हमें देना चाहते हैं तो जरूर दीजिए ताकि हम आपके लिए कुछ नया कर सकें और यदि आप इस लेख से संतुष्ट हैं तो अपने दोस्तों को अवश्य शेयर करें। चलो बनाए देश को रोग मुक्त धन्यवाद।

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