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Yoga

योगासन चित्र सहित नाम और लाभ (PDF Download)

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जानिए योगासन चित्र सहित नाम और लाभ PDF Download- शारीरिक व मानसिक रूप से स्वस्थ रहने का विज्ञान है “योग”। यह शब्द अपने आप में ही पूर्ण विज्ञान है जो हमारे शरीर, मन, आत्मा और ब्रह्मांड को एकजुट कर जीवन से जुड़े भौतिक, मानसिक, भावनात्मक और आध्यात्मिक, आदि सभी पहलुओं पर काम करता है।

इस शब्द के दो अर्थ होते हैं जो अपने आप में महत्वपूर्ण स्थान रखते हैं। पहला है जोड़ और दूसरा है समाधि। जब तक इंसान स्वयं से नहीं जुड़ता, उसका समाधि तक पहुँचना नामुमकिन है।

योगासन चित्र सहित नाम और लाभ PDF download करने के लिए हमारे द्वारा दी हुई लिंक पर क्लिक करके आसानी से डाउनलोड कर सकते हैं।

इसके अलावा योग का एक अर्थ एकता या बांधना भी है। यह शब्द संस्कृत शब्द युज से बना है, जिसका मतलब है जुड़ना। इसका इतिहास करीब 5000 साल पुराना है।

आज की भागदौड़ भरी इस जिन्दगी में प्रत्येक व्यक्ति किसी न किसी प्रकार से या तो शारीरिक रूप से बीमार है या फिर तनाव भरी जिंदगी जी रहा है। इस स्थिति से बचने का एकमात्र उपाय है योग।

हो सकता है कि आप लोगो को इस बात पर भरोसा करना मुश्किल हो परन्तु आज के समय में वैज्ञानिक शोध में भी इस बात की पुष्टि हो चुकी है कि योग बेहतर स्वास्थ्य के लिए अच्छा विकल्प है। योगासन चित्र सहित नाम और योग के फायदे के बारे में इस लेख में बताया गया है।

इस लेख में हम आपको योग के बारे में वो सभी जानकारियां बतायेगे, जिनके बारे में आपको जानना आवश्यक हैं।

योगासन चित्र सहित नाम और योग के फायदे

योग करने से सबसे अधिक फायदा शारीरिक और मानसिक तौर पर प्राप्त होता है। यह सद्भाव और एकीकरण के सिद्धांतों पर काम करता है इसलिए यह इतना शक्तिशाली और प्रभावी होता है। योग करने से अस्थमा, मधुमेह, रक्तचाप, गठिया, पाचन विकार जैसी अन्य बीमारियों के अलावा दिल की सेहत और आपके शरीर के लचीलेपन में वृद्धि करने के जैसे अनेक लाभ मिलते है।

इसके अलावा योग तीन स्तरों पर काम करता है जो मनुष्य के लिए बहुत ही फायदेमंद साबित होता है। इस लिहाज से योग करना सभी के लिए सही व आवश्यक है।
 पहले चरण में यह मनुष्य को स्वास्थ्यवर्धक बनाता है और शरीर में ऊर्जा भरने का काम
करता है।
 दूसरे चरण में यह मस्तिष्क में आने वाले नकारात्मक विचार जो मनुष्य को तनाव, चिंता या
फिर मानसिक विकार में डाल देते हैं, के चक्र से बाहर निकालने में मदद करता है।
 योग के तीसरे और सबसे महत्वपूर्ण चरण में पहुंचने के लिए मनुष्य को कठिन परिश्रम की
आवश्यकता होती है जहाँ पहुंचकर वह चिंताओं से मुक्त हो जाता है।
इसके अलावा अन्य लाभ निम्नलिखित है-

  • शरीर के लचीलेपन तथा मांसपेशियों की ताकत बढ़ाना
  • जोड़ों को टूटने से बचाना
  • हड्डियों के स्वास्थ्य और मजबूत रखना
  • रीढ़ की हड्डी की सुरक्षा करना
  • प्रतिरक्षा शक्ति और रक्त प्रवाह को बढ़ाना
  • ह्रदय गति को नियमित रखना
  • ब्लड प्रेशर को कम करना
  • लाल रक्त कोशिकाओं में वृद्धि

योगासन चित्र सहित नाम योगासन के नियम

योगासन चित्र सहित नाम की चर्चा करने से पहले हमें यहाँ जानना जरुरी है की योगासन के नियम क्या होते हैं। यदि आप भी योग करने के लिए निम्नलिखित नियमों का पालन करेंगे तो योग अभ्यास का पूर्ण लाभ अवश्य प्राप्त कर पाएँगे-

  • योग करने के नियमानुसार, प्रात:काल शौच आदि से निवृत्त होकर सूर्योदय से पहले अथवा सूर्यास्त के बाद करना चाहिए। जिससे हमें योग के फायदे मिल सके।
  • जो लोग पहली बार योगासन कर रहे हैं उन्हें किसी योग्य गुरु के निर्देशन में हल्के योग के आसन करने चाहिएं।
  • योगासन सुबह खाली पेट तथा शाम को भोजन करने के करीब तीन-चार घंटे बाद ही करना चाहिए।
  • हमेशा योग की शुरुआत ताड़ासन से ही करे तथा अंत में शवासन जरूर करें इससे तन और मन को पूरी तरह शान्ति मिलती है।
  • यदि आप बीमार या गर्भवती हैं, तो अपने डॉक्टर या अपने योग प्रशिक्षक से सलाह अवश्य ले।
  • योग हमेशा आरामदायक कपड़े पहनकर ही करे। जिससे हमें योग करने में आसानी रहे।
  • योग के दौरान प्यास लगने पर साधारण या हल्का गुनगुना पानी पिएं। ठंडे पानी का प्रयोग बिलकुल भी न करे।
  • योग करने का स्थान कोई शांत व स्वच्छ जगह होनी चाहिए। यदि किसी उद्यान या वाटिका में आसन किये जाएं तो बहुत अच्छा है।

योगासन चित्र सहित नाम और योग के लिए आवश्यक चीजें

योगासन चित्र सहित नाम के बारे में जानने से पहले हमें योग के लिए आवश्यक चीजों के बारे में जानना बहुत ही आवश्यक है। योग करने से पूर्व आपको निम्नलिखित चीजो की आवश्यकता होती है ताकि योगाभ्यास के दौरान आपको किसी भी प्रकार की कोई दिक्कत ना हो-

NO.1साफ और आरामदायक चटाई, कम्बल या योग मैट
NO.2आरामदायक सूती कपड़े
NO.3तौलिया– आवश्यकता पड़ने पर पसीना पोंछने के लिए।
NO.4एक साफ पीने के पानी की बोतल
NO.5योग ब्लॉक्स व बेल्ट- शुरुआत में योग करते हुए दिक्कत हो तो इसे इस्तेमाल किया जा सके।

योगासन के प्रकार

आसनों का प्रयोग आध्यात्मिक रूप के अलावा शारीरिक और मानसिक तौर पर स्वास्थ्य लाभ व उपचार के लिए किया जाता है। शास्त्रों के अनुसार लगभग चौरासी लाख आसन हैं परन्तु इनमें से केवल चौरासी आसनों को ही प्रमुख माना गया है जिसमे 32 आसन ही प्रसिद्ध हैं।

इन आसनों को प्रमुख दो समूहों में बांटा गया है-

  1. गतिशील आसन- इस प्रकार के आसन मे योगा करने की दौरान शरीर की स्थिति गतिशील
    बनी रहती है।
  2. स्थिर आसन- इस प्रकार के आसन मे योगा करने की दौरान शरीर की स्थिति स्थिर होती है
    या फिर कम गति बनी रहती है।
    आइये आपको बताते है कुछ प्रमुख आसनों को करने की विधि और उनसे प्राप्त होने वाले लाभों के बारे में-

योगासन चित्र सहित नाम

NO. 1सर्वांगासन
NO. 2स्वस्तिकासन
NO. 3गोमुखासन
NO. 4गोरक्षासन
NO. 5अर्द्धमत्स्येन्द्रासन
NO. 6पर्वतासन
NO. 7अंजनेयासन
NO. 8उत्तान शिशुनासन
NO. 9अर्ध चंद्रासन
NO. 10बालासन

योगासन चित्र सहित नाम स्वस्तिकासन

स्वस्तिकासन योगासन चित्र सहित नाम और इस योगासन के लाभ के बारे में नीचे विस्तार से बताया गया है।

योगासन चित्र सहित नाम स्वस्तिकासन

विधि:- सबसे पहले स्वच्छ कम्बल या कपडे पर पैर आगे की ओर फैलाकर जमीन पर बैठ जाएं उसके बाद बाएं पैर को घुटने से मोड़कर दाईं जांघ पर टिकाएं और उसके बाद दाएं पैर के पंजे और तल को भीतरी बाईं जांघ पर टिकाएं।

ध्यान रहे आपके घुटने जमीन से स्पंर्श करते हुए रहने चाहिए। उसके बाद रीढ़ की हड्डी को सीधा रख ध्यान मुद्रा में बैठें तथा श्वास खींचकर यथाशक्ति रोकें। इस प्रक्रिया को पैर बदलकर कई बार दोहराए।


लाभ:-
 पैरों में पसीने से आने वाली बदबू तथा दर्द में लाभ मिलता है।
 यह वायुरोग को दूर करता है और जिन लोगो के पैरों में अधिक गर्म या ठंडापन महसूस होता
है इसको करने से उन्हें फायदा मिलता है।

योगासन चित्र सहित नाम गोमुखासन

गोमुखासन योगासन चित्र सहित नाम और इस योग को करने की विधि तथा योगासन के लाभ के बारे में नीचे विस्तार से बताया गया है।

योगासन चित्र सहित नाम गोमुखासन

विधि:- सबसे पहले आप दोनों पैर सामने फैलाकर बैठ जाएं और अपने हाथो को बगल में रखें। उसके बाद अब अपने बाएं पांव को घुटने से मोड़कर एड़ी को दाएं नितम्ब के बगल से जमीन पर रखें। उसी तरह से दाएं पैर को घुटने से मोड़ते हुए बाएं पांव के ऊपर लाएं और दाईं एड़ी को बाएं नितंब के बगल से जमीन पर रखें।

अब अपने बाएं हाथ को कोहनी से मोड़ते हुए पीछे की ओर कंधों से नीचे ले जाएं। इसके साथ ही दाई बांह को ऊपर की ओर ले जाकर पीछे पीठ पर ले जाएं और दोनों हाथों की अंगुलियों को आपस में पकड़ लें ऐसा करते समय गर्दन और कमर सीधी रहे।

ऐसा करने से इस आसन का आधा चक्र पूर्ण होता है इसी प्रकार हाथों और पांवों की स्थिति बदलते हुए इस चक्र को पूर्ण करे। इसे आप तीन से पांच बार करें।


लाभ:-
 अंडकोष वृद्धि, बवासीर, मधुमेह एवं आंत्र वृद्धि में लाभदायक है।
 अस्थमा, धातुरोग, बहुमूत्र एवं स्त्री रोगों में लाभदायक है।
 यकृत, एवं गुर्दे को स्वस्थ रखने में अहम भूमिका निभाता है तथा संधिवात गाठिया को दूर
करता है।
 बाहों की मजबूती, छाती को पुष्ट रखना, कूल्हे के स्वस्थ, रीढ़ की हड्डी, कमर दर्द तथा मधुमेह
में लाभकारी है

योगासन चित्र सहित नाम गोरक्षासन

गोरक्षासन योगासन चित्र सहित नाम और इस योग को करने की विधि तथा योगासन के लाभ के बारे में नीचे विस्तार से बताया गया है।

गोरक्षासन

विधि:- सबसे पहले आप जमीन पर बैठकर दोनों पैरों की एडी तथा पंजे आपस में मिलाकर सामनेफैलाएं और पांवों को घुटनों से मोड़ते हुए सीवनी नाड़ी (गुदा एवं मूत्रेन्द्रिय के मध्य) को एडियों पर रखते हुए उस पर बैठ जाइए। ध्यान रहे रीढ़ और गर्दन सीधी रखें।

तथा दोनों घुटने भूमि पर टिके हुए रहने चाहिए। उसके बाद हाथों को घुटनों पर ज्ञान मुद्रा की स्थिति में रखें। इस चक्र को आप 3
से 5 बार
कर सकते है।


लाभ:-
 गोरक्षासन से किडनी के विभिन्य विकारों, बवासीर में मांसपेशियो में सही रक्त संचार में
लाभकारी है।
 यह आसन कूल्हे, नितम्ब, घुटने के जोड़, टखने, पिंडलियों के भाग की अकड़न एवं कठोरता दूर
करने में सहायक है।
 यह योगाभ्यास पेट से सम्बंधित गैस, स्त्रियों के गर्भाशय से संबंधित रोगों तथा भोजन का
अच्छी तरह से पचाने में मददगार है।

योगासन चित्र सहित नाम अर्द्धमत्स्येन्द्रासन

अर्द्धमत्स्येन्द्रासन योगासन चित्र सहित नाम और इस योग को करने की विधि तथा योगासन के लाभ के बारे में नीचे विस्तार से बताया गया है।

योगासन चित्र सहित नाम अर्द्धमत्स्येन्द्रासन

विधि:- सर्वप्रथम आप जमीन पर दरी या कम्बल बिछाकर दोनों पैर सामने फैलाकर बैठ जायें। उसके बाद अपने दायें पैर को घुटने से मोड़कर उसकी एड़ी को नितम्ब के साथ लगा दें। अब अपना बायां पैर दायें घुटने के ऊपर से ले जाते हुए बाहर की ओ़र भूमि पर रखें इस अवस्था में बायां घुटना सीने के बीच में रहना चाहिए।

इसके पश्चात अपने दायें हाथ को बायें घुटने के ऊपर सीधा रखते हुए बायें पैर के पंजे को पकडें तथा दायें हाथ को पीठ के पीछे घुमाकर रखें और सांस भरते हुए गर्दन को घुमाकर ठोड़ी को बायें कंधे की ओर ले जायें। इस स्थिति में कुछ सेकेण्ड रुकें तथा पुनः पूर्व स्थिति में आकर इस प्रक्रिया को दोहराएं।


लाभ:-
 यह आसन से कंधों, कमर, जांघों, बाजुओं, जांघों, पीठ आदि की पेशियों को मजबूत बना उनकी
चर्बी दूर करता है।
 यह आसन उदर (पेट) विकारों को, आँखों को बल प्रदान करने में, मधुमेहकमरदर्द में तथा
रक्त संचार को सुचारू रूप से चलाने में लाभकारी है।

योगासन चित्र सहित नाम सर्वांगासन

सर्वांगासन योगासन चित्र सहित नाम और इस योग को करने की विधि तथा योगासन के लाभ के बारे में नीचे विस्तार से बताया गया है।

सर्वांगासन

विधि:- दरी या कम्बल बिछाकर पीठ के बल लेट जाए तथा दोनों पैरों को उठाकर धीरे-धीरे 90 अंश का कोण बनाइये तथा शरीर के निचले भाग को बाहों और कोहनियों की सहायता से इतना ऊपर की ओर ले जाएँ कि वह कन्धों पर सीधा खड़ा हो जाए। उसके पश्चात पीठ को अपने हाथों से सहारा दें और थोड़ी को कंठ से लगाए। फिर धीरे-धीरे पूर्व अवस्था में वापस आ जाए।

लाभ:-
 यह आसन मोटापा, कद वृद्धि की कमी, दुर्बलता एवं थकान आदि विकार दूर करने में सहायक
है तथा थायराइड को सक्रिय एवं स्वस्थ बनाता है।
 यह शुक्र ग्रंथि एवं डिम्ब ग्रंथियों को मजबूत बनाता है।

योगासन चित्र सहित नाम और लाभ PDF Download

योगासन चित्र सहित नाम और लाभ pdf download करें। इस pdf file में सभी प्रकार के योगासन चित्र सहित नाम और लाभ के बारे में बताया गया है। इस pdf file को download करने के लिए निचे दिए हुए हमारे लिंक पर क्लिक करें। और सीधे mediafire download website से योगासन चित्र सहित नाम और लाभ pdf download करें।

FAQs: About Name with Yogasana picture

योगासन करने से क्या लाभ होता है?

योग करने से अस्थमा, मधुमेह, रक्तचाप, गठिया, पाचन विकार जैसी अन्य बीमारियों के अलावा दिल की सेहत और आपके शरीर के लचीलेपन में वृद्धि करने के जैसे अनेक लाभ मिलते है।

सबसे पहले कौन सा योग करना चाहिए?

सबसे पहले पद्दासन करना चाहिये।

आसनों का राजा कौन सा आसन कहलाता है?

आसनों का राजा शीर्ष आसन को मन गया है।

शरीर और मन को विकसित करने, तनाव से राहत, कल्याण, जीवन शक्ति, मानसिक उपचार, मन की शांति और आध्यात्मिक विकास के लिए योग आवश्यक है परन्तु इसका प्रयोग किसी भी दवा के विकल्प के रूप में नहीं किया जा सकता है। योग का अभ्यास करने से पूर्व अपने योग शिक्षक से परामर्श अवश्य ले साथ ही किसी भी चिकित्सकीय स्थिति के मामले में अपने डॉक्टर से आवश्यक विचार-विमर्श जरुर करे।हमें आशा है की हमारा यह लेख योगासन चित्र सहित नाम और लाभ योगा 2021 आपको बहुत पसंद आया होगा।

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